शुक्रवार, 22 मई 2015

एक बार लड़ाई के दौरान एक सैनिक अपने घायल मित्र को लाने की जिद के साथ निकला। कप्तान ने कहा ," तुम्हारा मित्र घायल था और अब तक वह मर भी चुका होगा। इसलिए अब तुम्हारे जाने का कोई फायदा नहीं होगा। तुम्हे निराशा ही होगी।"
पर फिर भी सैनिक गया और अपने मित्र को ढूंढ कर ले आया, पर वह मर चुका था। मित्र के मृत शरीर को देख कर कप्तान ने कहा, "देखा मैंने कहा था तुम्हारा जाना व्यर्थ होगा।"
सैनिक ने जवाब दिया, नहीं महोदय, मेरा जाना व्यर्थ नहीं गया। जब मै पहुंचा तो मेरा मित्र जीवित था। मुझे देखकर वह मुस्कुराया था और उसके आखिरी शब्द थे," मित्र मै जानता था तुम जरूर आओगे। "

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