शनिवार, 23 मई 2015

वकील ने भाईयो के साथ मिलकर साधू को गोली मार मौत के घाट उतारा

फर्रुखाबाद के थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के ग्राम टीमरुआ निवासी 75 वर्षीय साधू रामेश्वर दयाल उर्फ़ बाबा ओमानंद को बीती रात गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया| मृतक के बेटे ने  अधिवक्ता व उसके दो साथियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है| शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया है| आरोपी अभी फरार है| विदित है की जिस जमीन जमीन पर बाबा ने अपना आश्रम बना रखा था वह ग्राम सभा की जमीन थी| जिस पर साधू का बीते 35 वर्षो से कब्जा बताया जा रहा है| उसी जमीन को पूर्व प्रधान रहे आरोपी सुनील के पिता सुरेश चन्द्र ने अपने ही पुत्रो के नाम कर दिया था| जिस पर साधू ओमानंद ने एसडीएम कोर्ट में वाद दायर कर दिया था| जिसको लेकर बीते कुछ दिनों पूर्व ही एसडीएम कोर्ट में ही वकील ने पीड़ित पक्ष के साथ मारपीट कर दी थी|
मृतक साधू के पुत्र शिवकुमार ने बताया की  अपने पिता बाबा ओमानंद को रात खाना देंने गया था| जैसे ही मेरे पिता ने खाना खाकर पानी से हाथ धोने का प्रयास किया तभी रोड की तरफ से कुछ लोगो के आने की आहत सुनाई| जब मैंने पूंछा की कौन है तो अधिवक्ता सुनील उसका भाई अनिल व विमल पुत्र सुरेश चन्द्र दिवाकर निवासी टिमरूआ बोले मार दो बहुत पैरवी करते है| तभी सुनील ने मेरे पिता को सामने देखकर सिने में गोली मार दी| जिससे वह घायल होकर जमीन पर गिर गये| हम जान बचाकर गाँव की तरफ भागा अरोपियो ने मेरा पीछा किया| तभी गाँव के काफी लोग आ गये उन्हें देखकर आरोपी भाग गये| घटना के बाद घायल साधू को रात में ही लोहिया अस्पताल में भर्ती किया गया था| लेकिन कुछ समय बाद ही साधू ने दम तोड़ दिया| घटना के समय पीड़ित के पुत्र ने अधिवक्ता सुनील व उसके भाई अनिल व विमल के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा पंजीकृत कराया था|

शुक्रवार, 22 मई 2015

जिले में 55 लेखपालों की होगी भर्ती

शासन की ओर से प्राप्त निर्देशों के बाद जनपद स्तर पर लेखपाल भर्ती के लिये तैयारी शुरू कर दी गयी है। जिले में 55 लेखपालों की भर्ती होगी, जिसमें 48 पद सामान्य व 7 आरक्षित हैं। राजस्व परिषद से प्राप्त निर्देशों के अनुसार लेखपाल भर्ती के लिये शासन स्तर पर वाह्य एजेंसी का चयन किया जायेगा। यही एजेंसी लिखित परीक्षा संपन्न करायेगी। कुल 100 अंकों की परीक्षा में 80 अंकों की वास्तुनिष्ठ प्रश्नपत्रों पर आधारित लिखित परीक्षा होगी। 20 नंबर का साक्षात्कार होगा। लेखपाल भर्ती के लिये शासन की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लेखपाल भर्ती के लिये जून में विज्ञापन प्रकाशित कराया जायेगा। विज्ञापन के आधार पर जुलाई तक आवेदन लिये जायेंगे। आवेदकों की लिखित परीक्षा अगस्त माह में करायी जायेगी। लिखित परीक्षा परिणाम सितंबर में आने की संभावना है। सितंबर में ही साक्षात्कार के बाद सफल अभ्यर्थियों की अक्टूबर तक नियुक्ति कर दी जायेगी।  जिला प्रशासन की ओर से शासन को भेजी गयी सूचना के अनुसार जनपद में लेखपालों के कुल 244 पद स्वीकृत हैं। इनमें 55 पद रिक्त हैं। निर्धारित आरक्षण कोटे के अनुसार पिछड़ा वर्ग के 67 में से 63 व अनुसूचित जाति के 51 में से 48 लेखपाल नियुक्त हैं। इस प्रकार कुल रिक्त पदों में 48 सामान्य, 4 पिछड़ा वर्ग के व 3 अनुसूचित जाति के हैं। अपर जिलाधिकारी मनोज सिंघल ने बताया कि वर्तमान तैनाती का विवरण भेज दिया गया है। अग्रिम निर्णय शासन स्तर पर लिया जायेगा।
शासन की ओर से प्राप्त निर्देशों के बाद जनपद स्तर पर लेखपाल भर्ती के लिये तैयारी शुरू कर दी गयी है। जिले में 55 लेखपालों की भर्ती होगी, जिसमें 48 पद सामान्य व 7 आरक्षित हैं। राजस्व परिषद से प्राप्त निर्देशों के अनुसार लेखपाल भर्ती के लिये शासन स्तर पर वाह्य एजेंसी का चयन किया जायेगा। यही एजेंसी लिखित परीक्षा संपन्न करायेगी। कुल 100 अंकों की परीक्षा में 80 अंकों की वास्तुनिष्ठ प्रश्नपत्रों पर आधारित लिखित परीक्षा होगी। 20 नंबर का साक्षात्कार होगा। लेखपाल भर्ती के लिये शासन की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लेखपाल भर्ती के लिये जून में विज्ञापन प्रकाशित कराया जायेगा। विज्ञापन के आधार पर जुलाई तक आवेदन लिये जायेंगे। आवेदकों की लिखित परीक्षा अगस्त माह में करायी जायेगी। लिखित परीक्षा परिणाम सितंबर में आने की संभावना है। सितंबर में ही साक्षात्कार के बाद सफल अभ्यर्थियों की अक्टूबर तक नियुक्ति कर दी जायेगी।
जिला प्रशासन की ओर से शासन को भेजी गयी सूचना के अनुसार जनपद में लेखपालों के कुल 244 पद स्वीकृत हैं। इनमें 55 पद रिक्त हैं। निर्धारित आरक्षण कोटे के अनुसार पिछड़ा वर्ग के 67 में से 63 व अनुसूचित जाति के 51 में से 48 लेखपाल नियुक्त हैं। इस प्रकार कुल रिक्त पदों में 48 सामान्य, 4 पिछड़ा वर्ग के व 3 अनुसूचित जाति के हैं। अपर जिलाधिकारी मनोज सिंघल ने बताया कि वर्तमान तैनाती का विवरण भेज दिया गया है। अग्रिम निर्णय शासन स्तर पर लिया जायेगा।
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लोग समझते हैं कि नरम दिल वाले बेवकूफ होते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि नरम दिल वाले बेवकूफ नही होते, वे बखूबी ये जानते हैं कि लोग उनके साथ क्या कर रहे हैं, पर हर बार लोगों को माफ करना यह जाहिर करता है कि वो एक खूबसूरत "दिल" के मालिक हैं और वे "रिश्तों" को सँभालना बखूबी जानते हैं।
इंसान तो हर घर मे जन्म लेता है, बस इंसानियत कही-कही ही जन्म लेती हैं !
एक बार लड़ाई के दौरान एक सैनिक अपने घायल मित्र को लाने की जिद के साथ निकला। कप्तान ने कहा ," तुम्हारा मित्र घायल था और अब तक वह मर भी चुका होगा। इसलिए अब तुम्हारे जाने का कोई फायदा नहीं होगा। तुम्हे निराशा ही होगी।"
पर फिर भी सैनिक गया और अपने मित्र को ढूंढ कर ले आया, पर वह मर चुका था। मित्र के मृत शरीर को देख कर कप्तान ने कहा, "देखा मैंने कहा था तुम्हारा जाना व्यर्थ होगा।"
सैनिक ने जवाब दिया, नहीं महोदय, मेरा जाना व्यर्थ नहीं गया। जब मै पहुंचा तो मेरा मित्र जीवित था। मुझे देखकर वह मुस्कुराया था और उसके आखिरी शब्द थे," मित्र मै जानता था तुम जरूर आओगे। "